गौर सिटी हादसा: 12वीं मंजिल से गिरकर 3 साल के मासूम की मौत, चंद मिनटों की चूक ने उजाड़ा घर
3-Year-Old Child Dies After Falling from 12th Floor
3-Year-Old Child Dies After Falling from 12th Floor, ग्रेटर नोएडा वेस्ट से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक 3 साल के मासूम की 12वीं मंजिल पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी से गिरकर दर्दनाक मौत हो गई. मामला बिसरख थाना क्षेत्र के 'गौर सिटी-2' (7th एवेन्यू) का है.
घटना के वक्त मासूम घर में अकेला था.उसकी मां अपने दूसरे बच्चे को ट्यूशन छोड़ने के लिए नीचे गई थी. इसी दौरान बच्चा बालकनी में खेलते-खेलते रैलिंग के पास पहुंच गया और संतुलन बिगड़ने के कारण सीधे नीचे जा गिरा.
नीचे गिरे बच्चे की चीख-पुकार और शोर सुनकर सोसाइटी के लोग इकट्ठा हुए, जिसके बाद इस खौफनाक हादसे का पता चला. आनन-फानन में बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इस घटना के बाद पूरी सोसाइटी में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है.
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर उन मां-बाप के जेहन में डर और चिंता पैदा कर दी है, जो ऊंची इमारतों में अपने सपनों का आशियाना सजाते हैं. महज चंद मिनटों की एक छोटी सी चूक या बच्चे को अकेला छोड़ने का फैसला कैसे उम्र भर का कभी न भरने वाला जख्म बन सकता है, गौर सिटी का यह हादसा उसका जीता-जागता प्रमाण है.
बच्चों के साथ जरूर बरतें ये सावधानी
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी घटनाओं को केवल 'सावधानी' और 'सतर्कता' से ही रोका जा सकता है. बालकनी में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
बालकनी की ग्रिल या रेलिंग की ऊंचाई कम से कम 5 फीट होनी चाहिए. यदि रेलिंग कम है, तो ऊपर तक लोहे की जाली या 'इनविजिबल ग्रिल' जरूर लगवाएं.
अक्सर बच्चे बालकनी में रखे गमलों, कुर्सियों या टेबल पर चढ़कर नीचे झांकने की कोशिश करते हैं. रेलिंग के पास ऐसी कोई भी चीज न रखें जो बच्चे के लिए 'सीढ़ी' का काम करे.
इसके अलावा चाहे ट्यूशन छोड़ने जाना हो या घर के नीचे से सामान लाना, 3-4 साल के छोटे बच्चे को घर में कभी भी अकेला न छोड़ें. सोता हुआ बच्चा जागने के बाद घबराकर अक्सर बालकनी या खिड़की की ओर ही भागता है.